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मेरे भट्टकुर गांव में सदियों पुरानी परंपराएँ आज भी विद्यमान: प्रियंका राय Bihar India 

मेरे भट्टकुर गांव में सदियों पुरानी परंपराएँ आज भी विद्यमान: प्रियंका राय

“मेरा गाँव- मेरा देश” ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से विश्व प्रसिद्ध त्रेतायुगीन इस मंदिर परिसर में प्रति वर्ष चैत्र और कार्तिक माह में महापर्व छठ व्रत करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती है। पश्चिमाभिमुख देव सूर्य मंदिर मान्यताओं के अनुसार, इसका निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने स्वयं अपने हाथों से किया। प्रियंका राय/पटना परिन्दों की चहचहाहट…. चौपालों की बैठकें.. लहलहाती फसलें….मिट्टी...
ब्रह्मभट्टवर्ल्ड: एक नयी सोच, एक नयी खोज: राकेश शर्मा Bihar India 

ब्रह्मभट्टवर्ल्ड: एक नयी सोच, एक नयी खोज: राकेश शर्मा

इस समूह की यह खासियत रही है कि समाज में सच्चे निष्ठा से कार्य कर रहे किसी व्यक्ति या समुह के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं रखता है तथा किसी भी फोरम पर किसी व्यक्तिगत टिका टिप्पणी से परहेज करता है क्योंकि हम जानते हैं कि हम रहें या ना रहें हमारा समाज आगे बढ़ता रहे और इसी नीति को लेकर...
अग्नि, पृथ्वी बनाने वाले डॉ. नौतम भट्ट को कितना जानते हैं: एसएन शर्मा Bihar India 

अग्नि, पृथ्वी बनाने वाले डॉ. नौतम भट्ट को कितना जानते हैं: एसएन शर्मा

डा. कलाम के बाद अगर दूसरे नंबर पर जामनगर के नौतम भट्ट का नाम अगर माना जाये तो? देखा जाये तो उनका नाम दूसरे स्थान पर उचित नहीं है, क्योंकि भारत में रक्षा शोध की नींव रखने वाले या रक्षा क्षेत्र में स्वावलंबन के लिये जरूरी संसाधन/ संशोधन के पायनियर डॉ कलाम नहीं बल्कि डॉ नौतम भट्ट थे SN Sharma/पटना आज...
मन नहीं भरा, इसलिए मंथन 2 दिन का रखें: बिंदु कुमारी Delhi India 

मन नहीं भरा, इसलिए मंथन 2 दिन का रखें: बिंदु कुमारी

मंथन का मेरा अनुभव, पार्ट-2 मेरी ये कोशिश थी कि मेरे सामने या मेरे आस पास जो भी दिखे, मैं उनसे मिलूँ और मैंने ऐसा किया भी। जिन महिलाओं को फेसबुक पर देखी हुई थी, उन्हें तो चेहरे से पहचान कर मिलने जाती ही थी, जिनको नहीं भी जानती थी, उनसे भी बातचीत की। पर चाहते हुए भी बहुत से...
मंथन-मंथन-मंथन की पुकार चारों ओर India Maharashtra 

मंथन-मंथन-मंथन की पुकार चारों ओर

आपसी प्रेम का मंथन से लौटकर ऐसा लग रहा है कि अपनों से मिलकर मन नहीं भरा, वो पल आँखों के आगे ही हैं, लगता है मंथन कम से कम दो दिन का होता और हम एक दूसरे से और मिल पाते। जब भी मंथन होगा, जहाँ भी होगा, मैं जरूर शामिल होऊँगी। बिंदु कुमारी/नवी मुंबई Bindu Kumari/Navi Mumbai जिधर...
मंथन एक सोच जिसने सामाजिक सहयोग की भावनाओं को जन्म दिया: बसंत राय Delhi India 

मंथन एक सोच जिसने सामाजिक सहयोग की भावनाओं को जन्म दिया: बसंत राय

मेराअनुभव: मंथन चला, बहुत अच्छा चला और लगा कि इतने बड़े आयोजन के लिए पहले से रिहर्सल किया गया हो।  साल के पहले वीकेंड पर J&K-हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फबारी, दिल्ली-NCR में बारिश शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक था. हालांकि, न्यूनतम तापमान अभी भी 4 डिग्री पर है, /Dy. Chief Engineer at Indian Railways,...
बेटी को इतना पढा दें कि दहेज पर कोई बात ही न करे: नेहा Delhi India 

बेटी को इतना पढा दें कि दहेज पर कोई बात ही न करे: नेहा

दहेज हमारे समाज का ऐसा अभिशाप है जिसके ऊपर अगर पूरी किताब भी लिख दी जाए तो कम होगा। लेकिन यहाँ ज़रूरत है सिर्फ उन लोगों तक ये बात पहुँचाने की, अगर आपको सच में केवल अच्छी और पढ़ी लिखी बहू चाहिए तो आप सिर्फ उतने तक ही सीमित रहें। नेहा कुमार/नई दिल्ली ” हमें कुछ नहीं चाहिए, हमारी कोई...
मंथन ने मुझे व नेहा को जुडने का मौका दिया: अभिषेक Delhi India 

मंथन ने मुझे व नेहा को जुडने का मौका दिया: अभिषेक

मैंने ये देखा है कि brahmbhatt world में महिलाओं को काफी सम्मान दिया जाता है और उन्हे भी खुला मंच प्रदान किया जाता है। अभिषेक कुमार/ New Delhi मंथन के सभी स्वजनों को मेरा प्रणाम और छोटो को प्यार। मैं किसी भी व्यक्तिविशेष का नाम नहीं लेना चाहता, पर मेरे लिये वे लोग जिन्होने मंथन को सफल बनाने मे योगदान दिया...
मंथन: समाज तेजी से आगे बढ़ने के लिए करवट ले रहा-देवरथ Delhi India 

मंथन: समाज तेजी से आगे बढ़ने के लिए करवट ले रहा-देवरथ

मंथन में शामिल सब लोग एक समान, कोई भेदभाव नहीं, एक पारिवारिक माहौल, जिसमें न कोई बड़ा न कोई छोटा, न कोई मंच, न कोई मुख्य अतिथि,न कोई फूल माला। क्या बड़े अधिकारी, क्या नेता, क्या व्यवसाई, क्या उद्यमी, क्या किसान, क्या गृहिणी, क्या विद्यार्थी, क्या नौकरीपेशा, क्या वकील, क्या सीए, क्या पुरुष , क्या महिला-मंथन में सभी एक दूसरे...
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