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राजकुमार शुक्ल के बगैर बापू की चर्चा अधूरी Bihar India 

राजकुमार शुक्ल के बगैर बापू की चर्चा अधूरी

चम्पारण शताब्दी समापन दिवस पर सत्याग्रह के सूत्रधार पं० राजकुमार शुक्ल को समर्पित चंपारण सत्याग्रह में दर्जनों लोगों ने बापू का साथ दिया. गांधी बिहार आगमन के पूर्व चंपारण में कई नायकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही.’ इनमें कौन महत्वपूर्ण नायक था, तय करना मुश्किल. सबका अपना महत्व था. लेकिन 1907-08 के इस आंदोलन के बाद गांधी को चंपारण लाने में...
हँसते रहो, जिंदगी में Bihar Delhi India 

हँसते रहो, जिंदगी में

जब हम मिलजुल कर हँसते हैं तो वह हमें एक-दूसरे को करीब लाने के साथ ही हमारी खुशियों में वृद्धि भी करती है| हँसी हमारी ‘ इम्यून  सिस्टम ‘ को भी मजबूत करती है, शक्ति बढ़ाती है, पीड़ा भुलाती है, साथ ही तनाव से होने वाले नुकसान से बचाती भी है|  अवधेश राय/ New Delhi हँसना हमारे मनुष्य होने का...
मर-मरकर जी रही, मेरा क्या कसूर Bihar India 

मर-मरकर जी रही, मेरा क्या कसूर

कहीं लड़की और लड़के में 10-12-15 साल का अंतर। पता नहीं,  जब लड़की के माता-पिता शादी के लिए निकलते हैं तो इतना ही सोचते हैं कि लड़का अच्छा पैसा कमाता हो जो लड़की को सुख सुविधा दे सके। पर होता है इसके विपरीत। भारती रंजन कुमारी/दरभंगा आज हर पिता के मन मे एक डर है कि बेटी का विवाह जिस...
खोईछा के लिए स्नेहिल हाथ न हो तो बेटी क्या करे? Bihar India 

खोईछा के लिए स्नेहिल हाथ न हो तो बेटी क्या करे?

ससुराल से मायके जाते वक्त भी खोईछा देने की प्रथा है। खोईछा देने की प्रथा के पीछे बेटी-बहू की खुशहाली एवं उनके सौभाग्य की मंगलकामना का उद्देश्य ही हो सकता है। खोईछा में दी जाने वाली सामग्री यथा अक्षत, दूब , हल्दी की गांठ, सुपारी ,सिक्का का हमारे हिन्दू धर्म मे कितना महत्व है यह तो हम सब जानते ही...
नवहट्टा गाँव के लोग आर्थिक रूप से सबल-आत्मनिर्भर Bihar India 

नवहट्टा गाँव के लोग आर्थिक रूप से सबल-आत्मनिर्भर

नवहट्टा के  हनुमान मंदिर की विशेषता है कि आप जो भी मनोकामना निश्छल भाव से मांगेंगे अवश्य पूरी होगी | मंदिर स्थापना काल से ही हमारे परिवार पर भी हनुमान जी की महती कृपा रही है | स्वजाति में उस वक्त मंदिर स्थापना एक गर्व की बात होती थी | Tripurari Roy Brahmbhatta/Saharsa आज रामनवमी का पावन दिन है |...
बचपन कितना भोला होता है? Bihar Delhi India 

बचपन कितना भोला होता है?

बचपन आखिर कितना प्यारा होता है। कितना सादा, कितना भोला। आज जब वह बड़ी हो गई तो ऐसे वाक्य उसके मुख से नहीं निकलते। बल्कि वह हर वाक्य सोच समझकर बोलती है। Namita Roy, Delhi दोस्तों, कभी-कभी कोई पुरानी बातें याद आ जाए तो मन में उमंग की तरंगें उठने लगती हैं। आज एक सुनहरी रोचक याद आप सब से...
स्त्रियों को पुरुषों के बराबर दर्जा मिलना ही चाहिए Bihar India 

स्त्रियों को पुरुषों के बराबर दर्जा मिलना ही चाहिए

वर्तमान समय में स्त्रियाँ किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं है। हर एक वैसे क्षेत्र जिसमें पहले पुरूष वर्ग ही कार्यरत थे, अब महिलाये भी वहाँ बराबरी से कार्य कर रहीं है। अब तो सेना में भी स्त्रियों के जाने में प्रतिबंध नहीं है। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में रहीं हो वे यह सिद्ध कर चुकी हैं कि...
मैं सृष्टि, मैं जुनून हूँ Bihar India 

मैं सृष्टि, मैं जुनून हूँ

भारती रंजन कुमारी/दरभगा मैं धरती की वजूद हूँ, मां के चरणों की धूल हूँ बाबुल की बगिया की फूल हूँ, मैं ही छाँव और धूप हूँ, मैं सृष्टि मै जुनून हूँ।।।।   मै इक्षाओं का बलिदान हूँ, मैं भारत का संविधान हूँ, मैं धरती-गगन की शान हूँ,   मैं मां दुर्गा की त्रिशूल हूँ। मैं सृष्टि मै जुनून हूँ।।।।  ...
निरुपमा शर्मा: असहाय लोगों की सेवा व मदद Bihar India Uttar Pradesh 

निरुपमा शर्मा: असहाय लोगों की सेवा व मदद

निरुपमा शर्मा जी एक बेहतरीन लेखिका व कवयित्री भी हैं। कई बच्चों को बाल श्रम से मुक्त करवा उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने के काबिल बनाया। तन-मन-धन से इन्होंने असहाय लोगों की सेवा व मदद की। आज इनसे कई असहाय बच्चे व महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। प्रियंका राय/ पटना  महिला दिवस पर सभी के विचारों को जानकर पढ़कर अच्छा...
इतना लंबा दिन आखिर कैसे कटे? Bihar Delhi India 

इतना लंबा दिन आखिर कैसे कटे?

अगर आपके दिल में मानवता है तो अस्पताल या घरों में गंभीर रूप से बीमार स्वजनों की मदद कीजिए। इससे आपको नेक काम करने की संतुष्टि मिलेगी। ऐसा कर आपको लगेगा कि आप साक्षात ईश्वर की सेवा कर रही हैं। राय तपन भारती/नई दिल्ली जिंदगी का हर पल कैसे गुजरे इसका मूलमंत्र बहुतों को पता ही नहीं होता। बहरहाल, जो...
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