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उपलब्धि : मुरली भरहवा में राजकुमार शुक्ल की प्रतिमा का अनावरण Bihar India 

उपलब्धि : मुरली भरहवा में राजकुमार शुक्ल की प्रतिमा का अनावरण

“वर्ष 2000 में पं० शुक्ल की 125वीं जयंती पर डाक विभाग की ओर से डाक टिकट जारी करना, फिर आज 2 अक्टूबर को मुरली भरहवा में पं० राजकुमार शुक्ल की प्रतिमा का मुख्यमंत्री द्वारा रिमोट से अनावरण किया जाना निश्चय ही हमारी बड़ी उपलब्धि है” राय तपन भारती समाज में कुछ लोग बिना प्रचार अपने मिशन में लगे रहते हैं और...
पहले समझते थे कि राजकुमार शुक्ल भूमिहार थे परंतु बाद में पता चला कि वे ब्रह्मभट्ट थे: संजय पासवान Bihar India 

पहले समझते थे कि राजकुमार शुक्ल भूमिहार थे परंतु बाद में पता चला कि वे ब्रह्मभट्ट थे: संजय पासवान

पहली बार संस्थान ने साहित्य के क्षेत्र में स्व.भूपेंद्र अबोध (मरणोपरांत), पत्रकारिता के क्षेत्र में श्री नवेन्दु सिन्हा, कला क्षेत्र में पं. ललन महाराज (मरणोपरांत) एवं सामाजिक कार्य के क्षेत्र में स्व. शशिभूषण राय (मरणोपरांत) को सम्मानित करने का निर्णय लिया राम सुंदर दसौंधी/PATNA पं. राज कुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की ओर से राजेश भट्ट एवं अंबरीश कांत महाराज जी...
वाकई, समाज को बदल डाला कुलदीपक-गंगोत्री ने Bihar Delhi India 

वाकई, समाज को बदल डाला कुलदीपक-गंगोत्री ने

ऐतिहासिक कदम उठाने वाले परोपकारी ससुर हैं सत्यदेव शर्मा जी लेखक: राय तपन भारती, पत्रकार एवं संस्थापक, Brahmbhattworld नई दिल्ली: लीक से हटकर काम करने वाले समाज में बिरले ही होते हैं। आप सब शायद पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ में हरियाणा के ब्रह्मभट्ट सत्यदेव शर्मा जी को भलीभांति जानते होंगे जो रिटायरमेंट के बाद भी केंद्रीय मंत्रालय में कार्यरत हैं।...
ब्रह्मभट्टवर्ल्ड और मंथन की सच्चाई: हरिओम Bihar India 

ब्रह्मभट्टवर्ल्ड और मंथन की सच्चाई: हरिओम

यह आप पर निर्भर करता है कि आपने क्या पाया? मैं दोनों मंथन में शरीक हुआ, काफी उर्जावान लोगों के करीब आया. लोगों को समझा, बहुत सारे लोगों में समाज के प्रति कुछ करने का सकारात्मक भाव देखा, कुछ हमारे प्रेरणा स्रोत रहे, मंथन की सफलता बुलंदी को छूता गया, अब तीसरे मंथन की तैयारी चल रही है, सारे बुद्धिजीवी...
मेहनतकश स्वजनों से गुलजार है बिहार का यह मकेर गांव Bihar India 

मेहनतकश स्वजनों से गुलजार है बिहार का यह मकेर गांव

अरविंद कुमार/एक्जक्यूटिव इंजीनियर, UPCCL,  लखनऊ “यूं तो हमने लाख, हँसी देखे हैं, तुम सा नहीं देखा।।” लेखक: अरविंद शर्मा, एक्जक्यूटिव इंजीनियर at UPCL/लखनऊ बात जब गांवों की होती है, वो भी आपकी जन्मभूमि की तो आपका अति उत्साहित होना स्वाभाविक है। आपकी अनगिनत यादें जो जुड़ीं होती हैं। उस पर यदि आप मुख्यालय से सम्बद्ध होते हैं तो लिखने-पढ़ने का...
कम्हरिया गांव: लगभग हर घर सुखी संपन्न Bihar India 

कम्हरिया गांव: लगभग हर घर सुखी संपन्न

Dharmendra Ray/कम्हरिया, बक्सर जिला, बिहार आज मैं अपने गांव कम्हरिया का परिचय अपने ब्रह्मभट्ट समाज में कराने जा रहा हूं।  मेरा गांव बक्सर जिले के सदर अनुमंडल मैं पड़ता है बक्सर शहर और रेलवे स्टेशन से बक्सर बनारस मुख्य मार्ग पर बक्सर शहर से 7 किलोमीटर दूरी पर अवस्थित है मेरा गांव कम्हरिया।  उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर अवस्थित है।  गांव...
दहेज नहीं, बहू चहिए Engr ABHINAV के लिए Bihar India 

दहेज नहीं, बहू चहिए Engr ABHINAV के लिए

इंजीनियर अभिनव के लिए बहू की खोज में सहयोग करें आपमें से बहुत सारे स्वजन पटना में बसे पुरैनी (मधेपुरा) के निर्मल कुमार रायजी को जानते होंगे। वे आरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट पद से रिटायर हैं और समाजसेवा को सदैवा समर्पित रहते हैं। वे पटना मंथन में भी शरीक हुए थे। उन्होंने की दहेज विरोधी मुहिम का समर्थन करते हुए...
सुनो,अगर हाथ थामा है ,तो कभी छोड़ना मत Bihar India 

सुनो,अगर हाथ थामा है ,तो कभी छोड़ना मत

written by भारती रंजन कुमारी, दरभंगा, बिहार सुनो,अगर हाथ थामा है ,तो कभी छोड़ना मत। छोड़कर जाना होअगर,तो हाथ थामना मत।   तुम जैसे क्या समझेंगे बेवफाई का दर्द , तुम जैसे क्या समझेंगे रिश्तों का फर्ज, सुनो–दूर जाना है अगर,तो जरूर जाओ , मगर दुबारा वापस लौटकर ,कभीआना मत। मेरे तन मन को जिंदा लाश बनाना मत। छोड़कर जाना...
आखिर यह दहेज इतना डरावना क्यों है? Bihar India 

आखिर यह दहेज इतना डरावना क्यों है?

उस वक्त बेटों को वारिस एवं बेटियों को “पराया धन” समझा जाता था। इसलिए पिता अपनी बेटियों को उनका हक समझ कर अपनी चल संपत्ति में से उनके विवाह के अवसर पर उपहार देता था। संगीता राय/पूर्णिया, बिहार दहेज प्रथा हमारे समाज की एक पुरातन प्रथा है। हमारी पुरातन सामाजिक व्यवस्था ऐसी थी जहाँ एक पिता अपरोक्ष रूप से बेटी...
छपरा के भादपा गांव में हर तरह की बुनियादी सुविधाएं Bihar India 

छपरा के भादपा गांव में हर तरह की बुनियादी सुविधाएं

भादपा गांव से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्ध गोदना सिमरिया है जहां महर्षि गौतम ऋषि का आश्रम है। इसी आश्रम में भगवान श्रीराम ने माता अहिल्या को अपने चरणों से उद्धार किया था। आज भी श्रीराम भगवान का चरण स्थल इस मंदिर में हैं। Vivek Kumar Mishra/Greater Noida मैं एक बार पुनः आप सबको ब्रह्मभट्टवर्ल्ड के माध्यम से...
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